Important WordPress Tips

wp-spellcheck-posts

Buy-Related-Subject-Book-be1. Proofread: Spelling mistakes and grammar blunders are very common. Editing your own articles is tough and sometimes you just can’t correct all the mistakes by simply re-reading your articles. For this, install the plugin ‘TinyMCE Spellcheck’, activate this. After that, you need to go to Users » Your Profile to configure the plugin settings. Then, an icon ‘proofread writing‘ appeared in visual editor.

wp-visual-editor2.Editor: Most WordPress users spend more time with WordPress visual editor writing posts than any other part of the admin area. WordPress visual editor allows you to create content in a WYSIWYG (What you see is what you get) environment.

  • wordpress-keyboard-shortcutsBy default the Visual Editor only shows a single row of buttons in the editor. Kitchen Sink is the last button in this row. Clicking on it will display another row of buttons with more buttons.
  • It is annoying to move the mouse over just to make some text bold or add a link. The visual editor comes with a bunch of useful keyboard shortcuts for the most common formatting tasks.

3.Multi Column: WordPress post editor does not come with a default solution to add multi column content in a post or a page. However you can add multi-column content by switching to Text mode and write the HTML to create columns. Ofcourse that’s not the easiest way to do it. To make it easier, you should install plugin ‘Advanced WP Columns’, and then an icon appear on WYSIWYG (2nd line, right side). After that you should drag +Add button in progress bar. If any issue, call: 9990089080.

4.Table Press: Another thing missing from the default WordPress post editor is a button to create tables. Sometimes you may need to insert data tables in WordPress posts.
One way to add tables in WordPress is by using some online table generator, but these tables are not pretty. Luckily there is an easier way to add tables in WordPress posts directly from the post editor. Install a plugin ‘TablePress’. After activating this plugin, you should create tables and save it after data entry. Now, you can easily insert shortcodes of these tables in any post, pages.

5. CSS Buttons: There are many WordPress plugins that allow you to add beautiful call to action buttons in WordPress using shortcodes. The problem is that your button is not instantly visible in the editor. What if we told you that you can add buttons and see them exactly as they would look in your WordPress post or pages? A really strange name, but useful plugin ‘Forget About Shortcode Buttons’ installation and activation is necessary. After that in your visual editor, an icon appear (Insert Button), and after that you will understand everything.

BUY WORDPRESS (Beginer to Expert)

6. Shortcodes in WordPress allow you to add various functionality into posts, pages, and widgets without actually writing any code. Hence the name, Shortcode. Many WordPress plugins and some themes use shortcodes to add different elements such as pricing grid, event calendar, etc into WordPress. In this article, we will share 7 essential tips for using shortcodes in WordPress.

  • Shortcodes are great, but using shortcodes in every post is not a great idea. There are many WordPress themes out there that proudly claim to have 200+ shortcodes. However if you use a shortcode in every post, then you are forever tied to the specific theme that’s providing the shortcode.
  • Shortcodes are great, but if it’s provied by your theme, then you may want to think twice about excessively using it. Why? Because if you change your theme, then your next theme most likely will not have the same shortcode.
  • Often users think that shortcodes are limited to posts and pages, but they are not. You can use it inside your WordPress text widgets. Simply drag and drop a text widget to your sidebar and add your shortcode inside it. Remember, this feature is not enabled by default in WordPress. In case you can’t see your shortcode in a widget, then you need to add this code in your theme’s functions.php file or a site-specific plugin.
    add_filter(‘widget_text’, ‘do_shortcode’);

For any more information, give a call to Mithilesh (wordpress consultant) @: 9990089080

WordPress Beginner to Expert…

सरदार वल्लभ भाई पटेल – Sardar Vallabh Bhai Patel

Sardar-Patel-Jayanti

Sardar-Vallabhbhai-patel1आजादी के बाद भी सैकड़ों रियासतों के रूप में बंटे भारत को अखंड भारत बनाने में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अपने बहादुरी भरे कार्यों और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर लौह पुरुष का दर्जा हासिल करने वाले पटेल की स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। गुजरात के नाडियाड़ में 31 अक्टूबर 1875 को जन्मे पटेल जहां एक सफल वकील थे, वहीं वह जमीन से जुड़े नेता और महान राष्ट्रवादी भी थे। शुरुआत में उनके मन पर गांधीजी के दर्शन का गहरा प्रभाव था और आजादी की लड़ाई में वह कई बार जेल गए। ब्रिटिश राज की नीतियों के विरोध में उन्होंने अहिंसक और नागरिक अवज्ञा आंदोलन के जरिए खेड़ा बोरसाद और बारदोली के किसानों को एकत्र किया। अपने इस काम की वजह से वह गुजरात के महत्वपूर्ण जननेता बने। जन कल्याण और आजादी के लिए चलाए जाने वाले आंदोलनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिकाओं के चलते उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में महत्वपूर्ण स्थान मिला।

इतिहासवेत्ता मालती मलिक के अनुसार पटेल को ‘सरदार’ नाम गुजरात के बारदोली तालुका के लोगों ने दिया और इस तरह वह सरदार वल्लभ भाई पटेल कहलाने लगे। पंद्रह अगस्त 1947 को भारत जब आजाद हुआ तो पटेल के ऊपर 565 अर्ध स्वायत्त रियासतों और ब्रिटिश युग के उपनिवेशीय प्रांतों को भारत में मिलाने की जिम्मेदारी आ गई। पटेल ने अपने कूटनीतिक और रणनीतिक चातुर्य से इस कर्तव्य को बखूबी निभाया और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से भी नहीं चूके। हैदराबाद के निजाम ने जब एक भारत की अवधारणा को नहीं माना तो पटेल ने सेना उतारकर उसका घमंड चूर कर दिया। ‘ऑपरेशन पोलो’ नाम का यह सैन्य अभियान पूरी तरह सफल रहा और इस तरह हैदराबाद भारत का हिस्सा बन गया। जूनागढ़ के लिए भी उन्होंने यही रास्ता अख्तियार किया। लक्षद्वीप समूह को भारत के साथ मिलाने में भी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस क्षेत्र के लोग देश की मुख्यधारा से कटे हुए थे और उन्हें भारत की आजादी की जानकारी 15 अगस्त 1947 के बाद मिली।

Buy-Related-Subject-Book-beहालांकि यह क्षेत्र पाकिस्तान के नजदीक नहीं था लेकिन पटेल को लगता था कि इस पर पाकिस्तान दावा कर सकता है। इसलिए ऐसी किसी भी स्थिति को टालने के लिए पटेल ने लक्षद्वीप में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए भारतीय नौसेना का एक जहाज भेजा। इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी नौसेना के जहाज लक्षद्वीप के पास मंडराते देखे गए लेकिन वहां भारत का झंडा लहराते देख वे वापस कराची चले गए। राष्ट्र के एकीकरण में महान योगदान देने वाले भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री का पंद्रह दिसंबर 1950 को निधन हो गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल (31 अक्टूबर, 1875 – 15 दिसम्बर, 1950) (गुजराती: સરદાર વલ્લભભાઈ પટેલ) भारत के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतन्त्र भारत के प्रथम गृहमंत्री थे। सरदार पटेल बर्फ से ढंके एक ज्वालामुखी थे। वे नवीन भारत के निर्माता थे। राष्ट्रीय एकता के बेजोड़ शिल्पी थे। वास्तव में वे भारतीय जनमानस अर्थात किसान की आत्मा थे। भारत की स्वतंत्रता संग्राम मे उनका महत्वपूर्ण योगदान है। भारत की आजादी के बाद वे प्रथम गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री बने। उन्हे भारत का ‘लौह पुरूष’ भी कहा जाता है।

स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. नेहरू व प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल में आकाश-पाताल का अंतर था। यद्यपि दोनों ने इंग्लैण्ड जाकर बैरिस्टरी की डिग्री प्राप्त की थी परंतु सरदार पटेल वकालत में पं॰ नेहरू से बहुत आगे थे तथा उन्होंने सम्पूर्ण ब्रिटिश साम्राज्य के विद्यार्थियों में सर्वप्रथम स्थान प्राप्त किया था। नेहरू प्राय: सोचते रहते थे, सरदार पटेल उसे कर डालते थे। नेहरू शास्त्रों के ज्ञाता थे, पटेल शस्त्रों के पुजारी थे। पटेल ने भी ऊंची शिक्षा पाई थी परंतु उनमें किंचित भी अहंकार नहीं था। वे स्वयं कहा करते थे, “मैंने कला या विज्ञान के विशाल गगन में ऊंची उड़ानें नहीं भरीं। मेरा विकास कच्ची झोपड़ियों में गरीब किसान के खेतों की भूमि और शहरों के गंदे मकानों में हुआ है।” पं॰ नेहरू को गांव की गंदगी, तथा जीवन से चिढ़ थी। पं॰ नेहरू अन्तरराष्ट्रीय ख्याति के इच्छुक थे तथा समाजवादी प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।
पटेल का सम्मान

सरदार पटेल पर उत्तम लेख:

सरदार पटेल पर बेहतरीन किताबें:

  1. Sardar Vallabhbhai Patel (English)
  2. सरदार वल्लभभाई पटेल
  3. others…

Information about Sardar Vallabhbhai patel in Hindi

कंप्यूटर में विंडोज बटन का यूज – Use of window button

की-बोर्ड कम्‍प्‍यूटर का सबसे महत्‍वपूर्ण भाग, इसमें कई प्रकार की Key यानि बटन होते हैं, जो अलग-अलग प्रकार से काम करते हैं, फक्शन कीज, ऐरो कीज, होम कीज, न्‍यूमैरिक कीज आदि जिनको हम आम तौर पर यूज करते ही रहते हैं, लेकिन इसके अलावा भी एक और बटन यानि की हमारे की-बोर्ड पर होती है अौर वह है विण्‍डोज की, जिस प्रकार का इसका नाम है उसी प्रकार का इसका काम भी है,  हम बात कर रहे है Windows Key की बहुत से यूजर्स को पता ही नहीं होता है कि असल में Windows Key होती कौन सी है तो सबसे पहले यही जानते हैं -

windows-key-computer-keyboardयह आपके की-बोर्ड के उल्‍टे हाथ यानि Left hand पर Ctrl और Alt बटन के बीच में सबसे नीचे वाली रॉ में होती है, इस पर विण्‍डोज का लोगो बना रहता है, इसलिये इसे Windows logo Key भी कहते हैं, इसके अलावा किसी-किसी की-बोर्ड में एक Windows Key और भी होती है और आपके सीधे हाथ यानि Right hand पर Ctrl और Alt बटन के बीच में होती है,

Windows logo key

केवल विण्‍डोज की को प्रेस करने के से आपको स्‍टार्ट मेन्‍यू खुल जाता है।

Windows logo key +Pause

Pause का बटन Print Scrn और Scroll Lock के बराबर होता है, इसको Windows logo Key के दबाने पर अापके कम्‍प्‍यूटर की System Properties ओपन हो जाती है।

Windows logo key +M

मिनीमाइस करने के लिये अगर आप माउस का यूज करते हैं तो एक बार इस कमाण्‍ड को यूज करके देखिये यह बहुत कारगर है। यह अापके सभी एक्टिव विण्‍डोज को मिनीमाइज कर देती है।
Windows logo key +Shift+M

Minimized windows को Restore करने के लिये अाप इस कमाण्‍ड का यूज कीजिये आप माउस का यूज भूल जायेगें।

Windows logo key +Up Arrow

ओपन सभ्‍ाी एप्‍लीकेशन को मैक्‍समाइज करने के लिये आप इस कमाण्‍ड का प्रयोग करें।
Windows logo key +E

जी हॉ माय कम्‍प्‍यूटर जिसका प्रयोग आप अधिकतर करते है, अपने म्‍यूजिक, फोटो अौर वीडियो फाइल्‍स को ख्‍ाोलने के लिये, Windows logo Key के साथ केवल E प्रेस करने से My Computer ओपन हो जाता है।
Windows logo key +F

जैसे फाइल में कुछ खोजने के लिये अाप Ctrl+F का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार अगर कम्‍प्‍यूटर में कुछ खोजना हो तो अाप Windows logo Key के साथ F का प्रयोग कीजिये, विण्‍डोज 7 का सर्च बहुत ही पावरफुल है।
Windows logo key +L

सिर्फ एक बटन में कम्‍प्‍यूटर की कीजिये लॉक या यूजर को कीजिये स्‍विच, यह बहुत ही जबरदस्‍त कमाण्‍ड है, Windows logo Key के साथ केवल L प्रेस कीजिये। यह कमाण्‍ड तक ज्‍यादा यूजफुल है जब अापके कम्‍प्‍यूटर में एक से अध्‍ािक यूजर हैं अौर आप उन पर पासवर्ड प्रयोग करते हैंं।
Windows logo key +R

Run dialog box को ओपन करने के लिये यह कमाण्‍ड प्रयोग में लाईये, नहीं तो Run dialog box को अोपन करने के लिये यह स्‍टैप फॉलो कीजिये – Start – All Programs – Accessories -Run.
Windows logo key+number

यह कमाण्‍ड भी बडी मजेदार है, आपने विण्‍डोज 7 के टास्‍कबार में कुछ प्रोग्राम और एप्‍लीकेशन को अपनी सुविधा अनुसार जरूर पिन कर रखा होगा, लेकिन आप उनको माउस से डबल क्लिक करने ओपन करते हैं, अब नहीं केवल Windows logo Key के साथ कोई भी नम्‍बर-की प्रेस कीजिये लेकिन जो आपके टाइपिंग कीपैड के ऊपर हैं, वह वाली, ना कि न्‍यूमैरिल की-पैड वाली, इससे आपके टास्‍कबार में जो प्रोग्राम जिस नम्‍बर पर पिन होगा, वह वाली नम्‍बर प्रेस करने पर ओपन हो जायेगा।

Use of window button in your pc.

Humanity

“Every step taken toward humanity will prove a milestone in mitigating your own worries.”
- Swami Shri Sudarshnacharya ji

humanity-human-valuesमानवता के दिशा में उठाया गया प्रत्येक कदम आपकी स्वयं की चिंताओं को कम करने में मील का पत्थर साबित होगा.”

- स्वामी श्री सुदर्शनाचार्य जी

Top Tools for Freelancers, Designers and Developers

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WordPress is one of the fastest growing skillset on the freelancer websites like oDesk and elance. With thousands of WordPress freelancers, designers, developers working to get the same projects, you need the best tools to stay ahead of the competition. In this article, we will show the 16 top tools for WordPress freelancers, designers, and developers that will make your life easier.
1. Time Doctor: As the name suggests, Time Doctor is a productivity tool that allows you to monitor how you spend time while working. It can be used by teams as well as individuals. It can track and monitor times spent on websites, social media, applications, and idle time. If you really want to evaluate what you’re doing, then you can also have it take screenshots of your screen.

2. Asana: Asana is a project management tool that promises to free your team from the shackles of email. It puts conversations and tasks together so that you can get things done without switching back and forth between email and actual tasks.

3. Hall: Hall is a group chat and messaging software for your team. It allows you to easily and securely chat with your teams, create groups, chat one on one, transfer files, and more. It works on desktop and mobile phone so you are always connected. In a way, Hall is text messaging for businesses.

4. Google Apps: Google Apps for business allow you to have your own branded email address with the power of Gmail, Calendar, Docs, Sheets, and many other Google applications. Its very cheap and comes with a lot of storage space. Sharing documents, creating to do lists, video conferencing, messaging it all comes integrated beautifully.

5. Evernote: Evernote is probably the most popular note taking, list management, reminder and personal organization app. It works on all popular devices and syncs your data across different devices.

6. Dropbox: Dropbox offers cloud storage with access across all your devices. For freelancers, Dropbox is an easier way to share files and documents with clients and team members. Dropbox also integrates well with many other productivity apps, making it easier for you to share files across different applications and platforms. You may also want to checkout our list of best Dropbox plugins for WordPress.

7. Skype: For most freelancers, Skype is the most popular tool to have meetings with clients. It is easy to use, works across different platforms and devices, and allows you to have group conversations with voice and video.

Best-Books-Best-Price8. LastPass: Using the same passwords on all your web accounts is extremely risky. LastPass is a password management tool that works on all your devices and web browsers. You will never have to remember any password again, and you will be able to use unique strong passwords for all your accounts. To learn more see our guide on what is the best way to manage passwords for beginners.

9. Unroll.Me: We all get a lot of emails from services that we signed up for some of which are completely useless. Unroll.Me allows you to quickly unsubscribe from those emails with one click. It also automatically groups your subscriptions, so you can read them all together. This gives you a clean clutter free inbox with only the email that you care about.

10. Freshbooks: Freshbooks makes accounting easier for non-accountants. It helps you manage your finances, send invoices, automatically save receipts, accept payments and lots of cool stuff. It makes accounting easier and fun with its simple user interface. Stop creating invoices manually. FreshBooks is free to use for small companies.

11. Canva: Canva allows you to create professional looking graphics for your website, presentations, and social media profiles. It comes with an intuitive drag and drop interface which is extremely easy to use even for non-designers.

12. MailChimp: Email is the most effective online marketing tool for any business. MailChimp is the leading email service provider which allows you to easily create and manage your email lists. It also makes it easier for you to send emails. For freelancers and professionals it is really important to stay connected with your current and potential clients. See our guide on why you should start building your email list right away. Also don’t forget to check out our WordPress lead generation plugin, OptinMonster.

13. Feedly: Feedly is a modern news / RSS feed reader that works on all devices. Using Feedly you can get all your news and favorite blogs under one app and quickly go through them in a very readable user interface.

14. Buffer: Buffer allows you to easily share and publish across your social media profiles. Simply install the app on your device or browser and then click the icon to add a link to Buffer. It comes with advanced scheduling and it automatically queues your updates throughout the day.

15. Hootsuite: Hootsuite is the most popular social media management tool for marketers. It allows you to manage your social media profiles from a single dashboard. You can give your team members access to your social media profiles and automate by your social activities by scheduling posts.

16. ShoeBoxed: ShoeBoxed is an excellent app that converts receipts and business cards into data. You can take a picture from your smart phone, and it will extract the data and allow you to go completely paperless. ShoeBoxed also offers Mileage Tracking for businesses and have the magic envelope functionality, so if you don’t want to take pictures of your receipts, you can mail it to them, and they will take care of it for you.

कंप्यूटर को फॉर्मेट कैसे करें ? – Formatting your computer

कंप्यूटर को फॉर्मेट करने की जरूरत इन स्थितियों में पड़ती है :

  1. वायरस आ जाने पर [Virus issue]
  2. कंप्यूटर बहुत स्लो चलने पर [Slow Speed]
  3. कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर ठीक से न चलने पर [Software Corruption]

 

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कंप्यूटर को फॉर्मेट करने प्रक्रिया:

1. कंप्यूटर को फॉर्मेट करने से पहले यह जरूर देख लें कि आपके पास ऑपरेटिंग सिस्टम, कंप्यूटर में लगे सभी पेरिफिरल्स की ड्राइवर सीडी और बाकी के जरूरी सॉफ्टवेयर्स जैसे माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस आदि की सीडी हो। फॉर्मेट करने से पहले आप अपने कंप्यूटर के डेटा का बैकअप भी ले लें। अपने कंप्यूटर के CD ROM ड्राइव में ऑपरेटिंग सिस्टम की सीडी डाल दें। (Collect Computer Drivers, Backup, Windows bootable CD/DVD)

2. कंप्यूटर को रीस्टार्ट करें और जैसे ही वह स्टार्ट हो , सेटअप में जाएंगे। इसके लिए स्क्रीन में सबसे नीचे दिए गए निर्देश के मुताबिक करें। आमतौर पर यह F10 या Del की होगी। जैसे ही आप इस सेटअप में जाएंगे , आपको Boot Order मेन्यू चुनना होगा जोकि आमतौर पर Storage मेन्यू या Advanced मेन्यू में मिलता है। Boot Order मेन्यू में जाकर CD Rom को फर्स्ट ऑप्शन बनाएं , जिससे कंप्यूटर बूट होने पर सीधे आपकी CD Rom को ही रीड करे , न कि हार्ड डिस्क को। (आप स्टेप्स के लिए अपने कंप्यूटर मैन्युअल के या कंप्यूटर के मदरबोर्ड मैन्युअल से भी जानकारी ले सकते हैं क्योंकि इस स्टेप को करने का तरीका हर कंप्यूटर में अलग – अलग होता है।) (Set Preference for Boot Options)

3. अब स्टार्ट होने पर कंप्यूटर हार्ड डिस्क से बूट ( स्टार्ट ) न होकर CD Rom से बूट होगा। जैसे ही कंप्यूटर स्टार्ट होगा और CD Rom को रीड करेगा , एक नीले रंग की स्क्रीन सामने आ जाएगी।  स्क्रीन के सबसे नीचे वाले पार्ट में कई फाइल्स के नाम एक के बाद एक आते रहेंगे क्योंकि सेटअप प्रोग्राम CD Rom से ऑपरेटिंग सिस्टम की फाइल्स को रीड करेगा। (Start Setup)

 

4. कुछ समय बाद आपके सामने Welcome to Setup स्क्रीन आएगी , इसमें आपको तीन ऑप्शन नजर आएंगे। पहले ऑप्शन में विडोंज को ओपन करने के लिए एंटर दबाएं , दूसरे ऑप्शन में रिपेअर करने के लिए R दबाएं और तीसरे ऑप्शन में बाहर आने के लिए F3 दबाएं लिखा होगा। यहां Enter दबाएं , जिसके बाद विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम लाइसेंसिंग एग्रिमेंट की स्क्रीन आएगी।  इसके बाद F8 दबाएं। (User Agreement)

5. अब हार्ड डिस्क का पार्टिशन दिखाई देगा। अगर आप ऑपरेटिंग सिस्टम को पहली बार इंस्टॉल कर रहे हैं तो आपको इस स्क्रीन के बॉक्स में Unpartitioned Space ऑप्शन और डिस्क का साइज नजर आएगा। अगर यही ऑपरेटिंग सिस्टम पहले भी कंप्यूटर में था तो पहले से बने हुए सभी पार्टिशन नजर आएंगे। इस स्क्रीन पर C दबाएं। अब आपके सामने Create partition of size (in MB) बॉक्स आएगा। यहां आप जितने मेगा बाइट का पार्टिशन बनाना चाहते हैं ( जैसे 40 जीबी ) तो आप 409160 एमबी डालें और Enter दबाएं। (Partition in Disk)

6. आप वापस पहले वाली स्क्रीन पर आ जाएंगे। आपने जितने साइज का पार्टिशन बनाया था , उतने पार्टिशन साइज की एंट्री नजर आएगी और उसी के नीचे हार्ड डिस्क का बाकी बचा हुआ स्पेस Unpartitioned Space में नजर आएगा। आप Unpartitioned Space को सिलेक्ट करके C की को दबाकर एक और पार्टिशन बना सकते हैं।

7. अब जिस भी पार्टिशन पर ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल करना चाहते हैं , उसे सिलेक्ट करके Enter दबाएं। अगली स्क्रीन पर आपको 4 पोजिशन मिलेंगी Format using NTFS (quick), Format Using Fat (Quick), Format Using NTFS, Format using Fat । Format using NTFS पहले से सिलेक्ट होगा। आप इसी पर Enter दबा दें। एक बार जब आप Enter दबा देंगे तो वह ड्राइव को फॉर्मेट कर देगा और सेटअप हार्ड डिस्क में फाइल्स को कॉपी करना शुरू कर देगा। (Format Disk)

8. थोड़ी देर में कंप्यूटर के रीस्टार्ट होने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम Graphical Interface आएगा। फिर कुछ देर बाद आपको Regional and Language Options दिखेगा , यहां आप Next पर क्लिक करें। इसके बाद Personalize Your Software स्क्रीन आएगी। यहां आप अपना नाम लिखें। Organization का नाम खाली छोड़ सकते है। अब फिर से Next पर क्लिक करे , जिसके बाद Your Product Key ऑप्शन आएगा। यहां अपने सॉफ्टवेयर की सीडी के साथ मिली CD key को एंटर करे। यह 25 कैरेक्टर की होती है।  Next दबाने पर Computer Name and Administrator Password स्क्रीन आएगी। अब Computer Name टेक्स्ट बॉक्समें आप कंप्यूटर को जो भी नाम देना चाहें , वह Enter करें। इसी के नीचे आप अपना एडमिनिस्ट्रेटर पासवर्ड डालें। Next दबाने पर आपके सामने Date and Time Settings डायलॉग स्क्रीन आएगी। यहां आप अपने कंप्यूटर की डेट और टाइम सेट कर ले और Time Zone Combo बॉक्स में GMT +5:30 Chennai, Kolkata… ऑप्शन को सिलेक्ट करें। (Set Language, Product Key, Date and Time Zone)

9. अब Next दबाने पर ऑपरेटिंग सिस्टम आपके नेटवर्क सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने लगेगा। इसके बाद नेटवर्क सेटिंग्स स्क्रीन आपके सामने आ जाएगी। यहां आप डिफोल्ट सेटिंग Typical Settings को ही सिलेक्ट रहने दें और Next ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद Workgroup or Computer Domain आएगा। यहां भी आप बिना कुछ चेंज किए Next दबाएं। इसके बाद विंडोज कई बची हुई फाइल्स को कॉपी करेगा।

10. अब कुछ देर बाद कंप्यूटर रीस्टार्ट हो जाएगा , जिसके बाद Display Settings मेसेज बॉक्स आएगा। यहां आप Ok दबाएं। इसके बाद फिर Ok दबाने के बाद विंडोज आपके डिस्प्ले कार्ड के मुताबिक स्क्रीन रेजॉल्यूशन सेट कर देगा। इसके बाद Next दबाएं। Help Protect Your PC स्क्रीन में Help Protect my PC by Turning… ऑप्शन को सिलेक्ट करे। Next दबाएं इसके बाद Checking the Internet Connectivity स्क्रीन आएगी। यहां आप DSL ऑप्शन को अपने कंप्यूटर की इंटरनेट कनेक्टिविटी के हिसाब से सिलेक्ट कर लें। यहां आप Skip ऑप्शन को भी सिलेक्ट कर सकते हैं। अब Ready to Register with Microsoft स्क्रीन आ जाएंगी। यहां आप No Not At This Time Option को सिलेक्ट करें।

11. Next दबाने पर आपके सामने Who Will Use This Computer स्क्रीन आएगी। यहां आप 5 यूजर्स नेम डाल सकते हैं। इसके बाद Next और अगली स्क्रीन पर Finish दबाएं।
आपके सामने विंडोज का डेस्कटॉप आ जाएगा (Set Users)

Formatting your computer your computer, information in hindi.

News Portal Features (Image Presentation) – Call: 9990089080 for any detail


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वर्ड और एक्सेल डॉक्यूमेंट में पासवर्ड – Password in word and excel

set-password-in-word-2007अगर  office 2007 को Use कर रहे हैं और word और excel document में password लगाना चाहते हैं, जिससे आपने पीछे कोई उन्‍हें ना तो Open कर सके और ना ही उसे modify कर सके है, वर्ड और एक्सेल  डॉक्यूमेंट में पासवर्ड डालने को दो तरीके है एक जब फाइल को सेव करता है ओ दूसरा आप जब चाहे डाल सकते है

  • जब फाइल को सेव करता: किसी भी word और excel document पर password save करते समय लगाया जा सकता है। कोई भी New document बनाईये। अब Ctrl+S दबाईये, Save window ओपन हो जायेगी। यहॉ save करने से पहले Save Button के पास Tools पर Click कीजिये तथा General Options पर जाईये। General Options में Password to open में Password भरिये यदि आप केवल File को open करने के लिये ही पासवर्ड लगाना चाहते हैं और यदि आप open के साथ-सा‍थ modify के लिये भी Password का Use करना चाहते हैं तो Password to modify में Password भरिये और Ok कर दीजिये ok पर आपसे वही password दोबारा पूछे जायेगें इसलिये Confirm Password box में वही पासवर्ड दोबारा भर दीजिये अौर Ok पर Click कर दीजिये। अब word और excel document को जहॉ भ्‍ाी save करना चाहें कर दीजिये।
  • आप जब चाहे डाल सकते है : माइक्रोसॉफ्ट बटन (Top Left Corner in Word) पे क्लिक करे. prepare पर पॉइंट करे और Encrypt Document पर क्लिक करे . Encrypt Document डायलॉग बॉक्स ओपन होगा उस डायलॉग बॉक्स में पासवर्ड डाल कर OK क्लिक करे .ok करते ही कन्फर्म पासवर्ड डायलॉग बॉक्स ओपन होगा उसमे सेम पासवर्ड डाले और ओके क्लिक करे . अब आप फाइल को save कर सकते है.

ऐसे आप वर्ड और एक्सेल फाइल को प्रोटेक्ट कर सकते है.

How to enter password in ms-word, ms-excel. Find information in Hindi. Password in word and excel tutorial