God – प्रभु का ध्यान

“Every morning I spend fifteen minutes filling my mind full of God; and so there’s no room left for worry thoughts. ”

- Howard Chandler Christy

“हर सुबह मैं पंद्रह मिनट अपने मस्तिष्क में प्रभु की भावनाओं को समाहित करता हूं; और इस प्रकार से चिंता के लिए इसमें कोई स्थान रिक्त नहीं रहता है.”

- हॉवर्ड शैंडलर क्रिस्टी

God-Jai-Bajrang-bali


Capacity to work – सामर्थ्य का ज्ञान

capacity to work“If we did all the things we are capable of, we would literally astound ourselves”-Thomas – Edison

“अगर हम अपने सामर्थ्यानुसार कर्म करें, तो हम अपने आप को अचंभित कर डालेंगें। ”

- थॉमस एडिसन

‘Capacity to work’

Google Tools – गूगल के ऐसे टूल्स जिनसे आप अब तक अंजान हैं

google

वर्तमान में सबकी जिंदगी में तकनीक हावी हो गया है, छोटी से छोटी जानकारी के लिए भी इंटरनेट की मदद ले रहा है। वो समय पीछे रह गया जब जानकारी बढ़ाने व एकत्रित करने के लिए न जाने लोग कितनी ही किताबों का सहारा लिया करते थे। आज दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन ‘गूगल’ जानकारी का भंडार है। कौन किताब ढूंढने व खोलने की जहमत उठाए… अब तो गूगल के पास इतने टूल्स भी हैं जिनसे शायद यूजर अंजान हों अब तक। तो जानिये कुछ ऐसे गूगल टूल्स के बारे में जो आपने शायद ही कभी सुना होगा।

अनुवाद व शब्दकोश (Google Translate) गूगल के इस टूल को काफी लोग इस्तेमाल करते तो हैं लेकिन भारत में ज्यादातर इसे अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है, पर आपको बता दें कि इस टूल में और भी कितनी ही भाषाएं मौजूद हैं। आप हिंदी को जर्मनी में, फारसी में व और भी अनगिनत भाषाओं में बदल सकते हैं। इसके अलावा गूगल शब्दकोश भी एक अच्छा टूल है।
समय व मौसम (Weather) की जानकारी अपने घर पर बैठे आप दुनिया भर के समय की जानकारी केवल गूगल के जरिये ही ले सकते हैं। इसके अलावा गूगल आपको हर एक शहर, देश व कस्बे का सही तापमान भी बताता है। इसके साथ ही गूगल पर एक ‘टाइमर’ भी मौजूद है जिसका समय आपके हिसाब से बदला जा सकता है।
यात्रा संबंधी जानकारी (Map) यदि आप कहीं जाने की सोच रहे हैं और जिस स्थान से आप जा रहे हैं उसकी उस शहर से निकलने से लेकर दूसरे शहर तक पहुंचने का समय देखना चाहते हैं तो इसमें गूगल आपकी मदद करेगा। आपको केवल प्लेन का सही फ्लाइट नंबर पता होना चाहिए बाकी गूगल पर छोड़ दें, वह सब बता देगा।
मुद्रा बदलें मार्केट (Currency Converter) में डॉलर का रुपये के मुकाबले या यूरो का रुपये के मुकाबले क्या रेट चल रहा है यह भी गूगल चंद सेकेंड में बता देता है। इसके अलावा आप किसी भी तरह की यूनिट भी देख सकते हैं जैसे कि 10 किलोग्राम में हुए या फिर लीटर या अन्य इकाइयों को मापने की सुविधा पा सकते हैं।
स्थान व निर्देश (Map) अगर आप किसी नई जगह पर हैं और दिशा के बारे में पता लगाना है तो गूगल मैप आपके साथ है। यह आपको किसी भी स्थान के नक्शा उपलब्ध करा सकता है।
सामान्य ज्ञान (Books) आज के समय में गूगल हमारे लिए पुस्तकालय बन गया है जहां कोई भी नाम व अक्षर डालने पर उससे संबंधित अनगिनत जानकारी आ जाती है। यह पढ़ाई करने के लिए अच्छा साधन है।
खगोल विज्ञान  (Google Earth) हर किसी को ग्रहों व बाहरी दुनिया के बारे में जानने की बहुत दिलचस्पी रहती है, जिसमें गूगल हमारी मदद करता है। धरती से मंगल, चांद व सूरज कितनी दूरी पर व कितनी तेजी से चल रहा है यह सभी जानकारी आपको गूगल पर आसानी से मिल जाती है।
फिल्मों की ‘शो’ टाइमिंग (Google Movies) यदि आपको फिल्म देखनी है तो गूगल एक फिल्म के विश्व भर में लगे सभी शो की जानकारी देता है। इसके अलावा वो फिल्म कैसी है, लोगों को कितनी पसंद आई से लेकर उसकी एक-एक बात गूगल आपको बताता है।
खेल-कूद व शेयर बाजार (Sports) खेलों की दुनिया व शेयर बाजार में दिलचस्पी रखने वाले हर समय इससे जुड़ी जानकारी ढूंढते रहते हैं और इसमें गूगल आपका सबसे बड़ा माध्यम बनता है क्योंकि गूगल आपको एक-एक सेकेंड की जानकारी देगा। शेयर बाजार में किस कंपनी ने कितना कमाया और कितना घाटा हुआ, यह सारी जानकारी मिलती है गूगल से। There are a lot of google tools, which is very useful in our life. Find some of them in this article.

Perfection

perfection

“Perfection is achieved, not when there is nothing more to add, but when there is nothing left to take away.”

- Antoine de Saint-Exupery

“उत्कृष्टता की सिद्धि तब नहीं होती जब कुछ और जोड़ना या लगाना बाकी नहीं रह जाए, बल्कि तब होती है जब कुछ हटाने के लिये नहीं बचे”

- एंटोइन दे सेंट एक्जूपरि


दस्तावेजों (Scanned Documents in text format) को टेक्स्ट फॉर्मैट में बदलने की सुविधा

स्कैन किए गए दस्तावेजों को टेक्स्ट फॉर्मैट में बदलने की गूगल की सुविधा सिर्फ अंग्रेजी तक सीमित नहीं है। यह करीब तीन दर्जन भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें हिंदी भी शामिल है। हालांकि हिंदी के इमेज-आधारित दस्तावेजों को कन्वर्ट करने पर हासिल होने वाले टेक्स्ट में बहुत गलतियां होती हैं। इसकी भारी प्रूफ रीडिंग करनी होगी। ऐसे में हिंदी में गूगल ड्राइव की ओसीआर [ Optical Character Recognition (OCR) ] सुविधा ज्यादा व्यावहारिक महसूस नहीं होती।
गूगल ड्राइव के अलावा कुछ और ओसीआर सॉफ्टवेयर हैं, जो हिंदी को ठीक-ठाक सपोर्ट करते हैं। इनमें वेब आधारित ओसीआर सर्विसेज भी शामिल हैं और कंप्यूटर में इन्स्टॉल होने वाले सॉफ्टवेयर भी।

www.i2ocr.com वेबसाइट दूसरी भाषाओं के साथ-साथ हिंदी टेक्स्ट रिकॉग्निशन की सुविधा भी देती है। यह पीडीएफ दस्तावेजों को नहीं पहचानती, इसलिए अपने दस्तावेज को स्कैन करने के बाद इमेज फाइल फॉर्मैट में सेव करें, जैसे jpg, bmp, png वगैरह। यह सुविधा फ्री में उपलब्ध है। IndSenz नाम की विदेशी कंपनी के डिवेलपर ओलिवर हेलविग की तरफ से विकसित IndSenz Hindi OCR सॉफ्टवेयर साधारण फॉर्मैटिंग वाले हिंदी टेक्स्ट के रिकॉग्निशन का काम बखूबी करता है, लेकिन यह फ्री नहीं है। आइए, देखते हैं ये दोनों सर्विसेज कैसे काम करती हैं :

वेब आधारित OCR:

  1. सबसे पहले www.i2ocr.com/free-online-hindi-ocr पर जाएं।
  2. नीचे की तरफ, जहां Let’s OCR लिखा है, वहां Step 1 के तहत आपकी स्कैन फाइल को अपलोड करने की सुविधा मौजूद है। अपलोड करने के लिए कंप्यूटर में मौजूद स्कैन इमेज फाइल को चुन लें।
  3. अब वेबसाइट पर Step 2 पर नजर डालें। यहां Hindi भाषा चुनी हुई होनी चाहिए। नहीं है, तो हिंदी को सिलेक्ट कर लें।
  4. अब Step 3 पर मौजूद Extract Text बटन दबाएं, जिससे आपकी फाइल के अपलोड होने और उसके भीतर मौजूद टेक्स्ट को पहचानने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
  5. इसी वेब पेज पर दो बॉक्स खुल जाएंगे। इनमें से लेफ्ट वाले बॉक्स में टेक्स्ट दिखाई देगा। इस टेक्स्ट को कॉपी कर अपने कंप्यूटर में खुली हुई वर्ड फाइल में पेस्ट कर लें। अब जरूरत के लिहाज से एडिट कर लें।
  6. आप देख सकते हैं कि सामान्य फॉर्मैटिंग वाले हिंदी टेक्स्ट का 90 फीसदी शुद्धता के साथ कन्वर्जन हो जाता है। अगर संबंधित इमेज फाइल आपके कंप्यूटर में नहीं बल्कि किसी वेबसाइट पर है तो यहां उसका वेब अड्रेस देकर सीधे टेक्स्ट कन्वर्जन मुमकिन है।

ocr-services

सॉफ्टवेयर के जरिए कन्वर्जन (Conversion through Software):

इंडसेन्ज़ कंपनी की तरफ से विकसित हिंदी ओसीआर सॉफ्टवेयर को www.indsenz.com वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसे आजमाने के लिए फ्री वर्जन डाउनलोड किया जा सकता है, हालांकि वह सिर्फ सॉफ्टवेयर की क्षमताओं का प्रदर्शन भर करता है। फ्री वर्जन के जरिए इमेज फाइल से निकाला गया टेक्स्ट इस्तेमाल करना संभव नहीं है, क्योंकि इसे न तो फाइल की शक्ल में सेव किया जा सकता है और न ही कट-कॉपी-पेस्ट के जरिए ही सॉफ्टवेयर से बाहर ले जाया जा सकता है। बहरहाल, ट्रायल वर्जन अपनी क्षमताओं का बखूबी प्रदर्शन कर देता है। अगर आप इसका दफ्तर के काम-काज में नियमित रूप से इस्तेमाल करने के इच्छुक हैं तो आपको पेड वर्जन खरीदना होगा। इसके दो पेड वर्जन हैं। सामान्य वर्जन की कीमत करीब 12 हजार रुपए है, जबकि प्रफेशनल वर्जन करीब 16 हजार रुपए का पड़ेगा।

कैसे काम करता है (Steps of working)

  1. सबसे पहले indsenz.com से हिंदी ओसीआर सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर कंप्यूटर में इन्स्टॉल करें। अब सॉफ्टवेयर को लॉन्च करें।
  2. इसके फाइल मेनू में Open Images पर क्लिक करें।
  3. अब खुलने वाले डायलॉग बॉक्स में अपनी स्कैन फाइल को चुन लें। यहां इमेज के साथ-साथ पीडीएफ फाइल को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  4. सॉफ्टवेयर के ऊपरी हिस्से में टूलबार में बने बटनों पर नजर डालें। यहां लेंस के आइकन वाले बटन पर माउस ले जाने पर Start the text recognition दिखाई देगा। इस बटन को क्लिक करे।
  5. इससे इमेज फाइल में मौजूद टेक्स्ट को पहचानने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहचाने गए टेक्स्ट को नीचे की ओर मौजूद बॉक्स में दिखाया जाएगा।
  6. आप देख सकते हैं कि इस बॉक्स में माउस का कर्सर दिखाई दे रहा है और इस टेक्स्ट को सिलेक्ट करना मुमकिन है। जाहिर है, यह इमेज नहीं बल्कि टाइप किए हुए मैटर जैसा है।


Jacket (by-mithilesh)

mithilesh2020-in-jacketजैकेट पहन चले नेताजी,
छुपा लिए सब पाप
उस श्रेणी में न रखियो हमें
उतार दियो मैंने ‘आप’

उतार दियो मैंने ‘आप’,
पड़ी यह जैकेट भारी
देह, ह्रदय पर बोझ पड़ा
हुआ मैं दुखियारी.

हुआ मैं दुखियारी,
कुछ समझ न आया
छोड़छाड़ कर धन्य हुआ,
जैकेट की मोहमाया.

-मिथिलेश, उत्तम नगर, नई दिल्ली

(मेरे जैकेट पहनने पर जब महानुभावों ने कुछ कहना शुरू किया तो दिल का दर्द कुछ यूं निकला…)
हिंदी दिवस की आप सभी को ढेरों बधाइयां.

Poem on jacket by mithilesh

Best way to give advice to your children

children-advice“I have found the best way to give advice to your children is to find what they want and then advise them to do it.”

- Harry Truma 

“बच्चों को सीख देने का जो श्रेष्ठ तरीका मुझे पता चला है वह यह है कि बच्चों की चाह का पता लगाया जाए और फिर उन्हें वही करने की सलाह दी जाए”

- हैरी ट्रूमेन

लैपटॉप खरीदते समय सही और उचित डिवाइस का चुनाव [Laptop purchasing precaution]

laptop

जब आप लैपटॉप खरीदने जाते हैं तो सही और उचित डिवाइस का चुनाव कैसे करते हैं..कहीं उहापोह में तो नहीं फंस जाते आप! तो चलिए हम बताते हैं राह- अधिकांश लोगों के लिए यह प्रोसेसर से शुरू होता है, इसके बाद कितने कोर हैं, कोर आइ3 या कोर आइ5 है इसके बाद प्रोसेसर की स्पीड, रैम की क्षमता(RAM), इंटर्नल स्टोरेज (Storage) और अंत में वजन और लुक्स पर बात आकर खत्म होती है। यदि कंज्यूमर को प्रोसेसर(Processor), रैम की क्षमता, इंटर्नल स्टोरेज और लुक्स के साथ इसकी कीमत(Price) उचित लगती है, तो वह खरीद लेता है। लेकिन लैपटॉप खरीदने का यह तरीका गलत है।
पिछले कुछ वर्षो में कंपनियां अपनी मार्केटिंग के लिए कंज्यूमर्स को लुभावनी बातों से बहका देती हैं और उन्हें लैपटॉप खरीदते वक्त कोर पर ध्यान देने कहती है। लेकिन उस वक्त आपको बहकावे में न आकर खुद जांच परख करना चाहिए। यहां हम आपको बताते हैं लैपटॉप खरीदने के लिए जरूरी टिप्स-

क्या जरूरी नहीं है-

प्रोसेसर(PROCESSOR): जब आप कोई विशेष लैपटॉप नहीं खरीद रहे जैसे गेमिंग लैपटॉप या मशीन जिसपर आप 3डी मॉडलिंग कर सकें तो प्रोसेसर इनके लिए महत्वपूर्ण नहीं। पिछले कुछ वर्षों में प्रोसेसर काफी शक्तिशाली हो गया है। आजकल आमतौर पर वेब ब्राउसर जैसे प्रोग्राम्स में आइ3प्रोसेसर का 20 फीसद प्रोसेसिंग पावर भी उपयोग नहीं होता। मैकबुक एयर जैसे तेज मशीन बस 1.4 जीएचजेड डुअल कोर प्रोसेसर का प्रयोग करते हैं। इसलिए लैपटॉप खरीदते वक्त प्रोसेसर की चिंता न करें। हां कोर आइ7 कोर आइ5 से बेहतर है, और कोर आइ5 कोर आइ 3 से बेहतर है। लेकिन यदि आप आम तौर पर उपयोग के लिए लैपटॉप ले रहे हैं तो कोर आइ 3 वाला मशीन काफी है।
रैम(RAM): आजकल सभी लैपटॉप में 4 जीबी रैम होता है। जो आपकी जरूरत के लिए काफी है। इससे ज्यादा आपको मिल रहा है तो जाइए पर केवल अधिक क्षमता वाले रैम की वजह से लैपटॉप न चुनें क्योंकि इससे जरूरी चीजें हैं डिवाइस को चुनने के लिए।
ग्राफिक कार्ड(GRAPHIC CARD): क्या आप अपने लैपटॉप पर बैट्लफील्ड जैसा कोई गेम खेलने जा रहे हैं? नहीं, तब ग्राफिक कार्ड की चिंता करने की जरूरत नहीं। एक समय था जब डिवाइस में लगा हुआ ग्राफिक कार्ड कमजोर हुआ करता था पर अब ऐसा नहीं है। पर आज यदि आप वेब ब्राउज और वीडियो देखने के लिए लैपटॉप खरीद रहे हैं तो ग्राफिक कार्ड का बिल्कुल न सोचें।
स्क्रीन साइज(SCREEN-SIZE): बड़े स्क्रीन साइज को देखकर लैपटॉप की शॉपिंग न करें। खराब डिस्प्ले या कम रेज्योलूशन के साथ बड़ा स्क्रीन आपके कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस पर गलत प्रभाव डालेगा। कितनी जल्दी ऑन होता है डिवाइस: करीब सभी नए लैपटॉप 30 सेकेंड से भी कम समय में ऑन हो जाते हैं। जो सबसे बेकार लैपटॉप होता है वह 30 सेकेंड का समय लेता है बेहतर डिवाइस के लिए 15 सेकेंड काफी है। लेकिन यह सब केवल नए डिवाइस के लिए है। जैसे जैसे आप इसमें प्रोग्राम्स डाउनलोड करते जाएंगे ऑन होने में डिवाइस देर लगाएगा ही। लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं, लैपटॉप शापिंग के लिए।
सिक्योरिटी फीचर्स(SECURITY FEATURES): फिंगरप्रिंट स्कैनर आदि से न डरें। एक बार लैपटॉप खरीदने के बाद बस एक अच्छा सा पासवर्ड डालें बस आपका डाटा सुरक्षित रहेगा।

क्या है महत्वपूर्ण-

स्क्रीन की क्वालिटी(QUALITY OF SCREEN): स्क्रीन ही आपके लैपटॉप का प्रमुख कंपोनेंट है। यह अच्छा होगा तभी आपको अच्छा कंप्यूटिंग एक्सपीरिएंस मिलेगा। कंपनियां प्रोसेसर क्षमता तो बढ़ा रहीं हैं पर स्क्रीन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देती। यदि आप 75,000 रुपये से ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आइपीएस स्क्रीन वाला लैपटॉप लें। अधिकांश लैपटॉप में टीएन पैनल की स्क्रीन होती है।

इनमें अंतर क्या है- चलिए समझते हैं। आपकी तस्वीर गैलेक्सी टैबलेट या आइफोन पर ज्यादा अच्छी दिखेगी जबकि लैपटॉप पर उतनी अच्छी नहीं। क्योंकि अधिकांश टैबलेट और फोन में आइपीएस स्क्रीन होती है। यदि आप ज्यादा खर्च नहीं भी कर रहे हैं तो स्क्रीन पर ध्यान देना जरूरी है इसके लिए आप किसी लैपटॉप शो में जाइए और जो भी लैपटॉप आपको पसंद आ रहा हो उसको परखिए। अपने साथ एक पेन ड्राइव ले जाना मत भूलिए जिसमें आपकी कुछ तस्वीरें हो। इस पेनड्राइव को लैपटॉप में लगाइए ओर अपनी तस्वीरों पर एक नजर डालिए कि वह कैसा दिखता है। तस्वीर में रंगों का तालमेल सही है या नहीं? एंगल भी बदल कर तस्वीरों को देखिए अगर ऐसा करने पर तस्वीरों के रंग में ज्यादा बदलाव नहीं तब स्क्रीन अच्छी है।
इसके बाद स्क्रीन का रेज्योलूशन(Resolution) जरूर देखें। ज्यादा रेज्योलूशन वाला स्क्रीन इमेज को बेहतर लुक प्रदान करता है। 1080 पिक्सल फुलएचडी या 1600 गुणा 900 पिक्सल रेज्योलूशन वाला स्क्रीन देखकर लैपटॉप खरीदें।
कीबोर्ड और टचपैड (KEYBOARD & TOUCHPAD): लैपटॉप में दो महत्वपूर्ण पार्ट है- कीबोर्ड और टचपैड जिसे आमतौर पर कंज्यूमर्स नहीं देखते हैं। अच्छे लैपटॉप के पास ऐसे टाइपिंग कुंजीपटल होते हैं जो बेहतर है बस आप यह टाइप करते हुए यह जांच लें कि खट-खट की आवाज यह फिर ढीला सा कीबोर्ड न हो। यह आपको 100-200 शब्दों के टाइपिंग के बाद ही पता चल जाएगा।
लैपटॉप में टचपैड को रेस्पांसिव होना चाहिए। उपयोग के वक्त कर्सर को स्क्रीन पर आराम से चलना चाहिए। अगर आप लैपटॉप के लिए ज्यादा खर्च कर रहे हैं तो आपको ग्लास टचपैड वाला मशीन लेना चाहिए।
कैसा हो बनावट(STRUCTURE): ऐसे लैपटॉप को चुनें जिसमें मेटल यानि एल्युमिनियम या मैग्नीशियम की बॉडी हो। कार्बन फाइबर की बॉडी भी अच्छा है। लेकिन यह महंगा होता है। यदि आप प्लास्टिक बॉडी देख रहे हैं तो उन लैपटॉप को देखें जो बेहतर बनावट के साथ है।
स्पीकर्स(SPEAKERS): लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो अपने पेनड्राइव में गाने ले जाना न भूलें। मशीन पर ये गाने चलाएं। यदि आपके लैपटॉप में अच्छे स्पीकर्स हैं तो आप यूट्यूब वीडियो का भी आप आनंद ले सकेंगे।
वजन(WEIGHT): यह तो काफी जरूरी है क्योंकि लैपटॉप आपके साथ इधर उधर तो जाएगा ही। इसलिए 2 किलाग्राम से कम वजन वाले लैपटॉप को चुनें।
बैटरी(BATTERY): बेहतर बैटरी क्षमता वाले लैपटॉप को चुनें। एपल के अलावा कोई और कंपनी हमें बेहतर बैटरी के साथ लैपटॉप नहीं दे सकता है। लेकिन फिर भी यदि किसी कंपनी का दावा है कि उसका मशीन 10 घंटे तक बैटरी लाइफ दे सकता है तो यह तो पक्का है कि 7 घंटे तक बैटरी चलेगी ही। तो वे लैपटॉप जो 6-7 घंटे तक बैटरी लाइफ देने का दावा करते हैं उनके मुकाबले 10 घंटे तक की बैटरी लाइफ वाला मशीन ज्यादा बेहतर है।
जब भी आप लैपटॉप खरीदने जा रहे हैं तो सेल्समैन द्वारा दिए जा रहे व्याख्यान पर कभी भी विश्वास न करें, बस अपनी आंखों पर विश्वास करें।

कंप्यूटर में बड़ा खतरा वायरस और मैलवेयर

हम सब अपना ज्यादा से ज्यादा काम कंप्यूटर और इंटरनेट पर करना चाहते हैं, करते हैं। लेकिन कंप्यूटर में एक बड़ा खतरा वायरस और मैलवेयर का होता है। इनके चलते यूज़रनेम और पासवर्ड जैसी हमारी तमाम पर्सनल इन्फर्मेशन हैक हो सकती हैं और कोई इनका गलत इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे में हमें जरूरत पड़ती है अच्छे ऐंटिवायरस सॉफ्टवेयर की। हम आपको बता रहे हैं कुछ अच्छे ऐंटिवायरस सॉफ्टवेयर, जिन्हें आप मुफ्त में इस्तेमाल कर सकते हैं.

Avast Free Antivirus
यह ऐंटिवायरस टूल स्पाइवेयर से भी बचाता है। इसके सबसे बेहतरीन फीचर्स में से एक ‘रिमोट असिस्टेंट’ है, जिससे आपके कंप्यूटर के इन्फेक्टेड होने पर यह थर्ड-पार्टी को ऐक्सेस करने में मदद करता है। इसे इन्स्टॉल करना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। पहला क्विक स्कैन आपके सिस्टम के लिए किसी खतरे की संभावना को खोजता है और इसका कोई खास असर आपके कंप्यूटर की परफॉर्मेंस पर नहीं पड़ता। यह अपने-आप अपडेट होता है, तो आपको इसे अपडेट करने की चिंता भी नहीं करनी पड़ेगी।

Malwarebytes Anti-Malware
ऐंटिवायरस आपको होने वाले अटैक्स से बचाते हैं, लेकिन कई बार आपके कंप्यूटर में वायरस इतने भीतर तक पैठ बना लेते हैं कि उन्हें हटाने के लिए आपको मैलवेयर एक्स्ट्रैक्शन सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ती है। मैलवेयरबाइट्स ऐसा ही एक अच्छा फ्री सॉफ्टवेयर है। अगर आपके कंप्यूटर में वायरस हैं, तो यह उन्हें हटा देगा।

anti-virusAd-Aware Free
लावासॉफ्ट का यह सॉफ्टवेयर एक ऐंटिवायरस, ऐंटि-स्पाइवेयर टूल है। मैलवेयर प्रोटेक्शन के मामले में इसकी तुलना एवीजी ऐंटिवायरस से की जाती है। कई लोग मानते हैं कि इसका सेटअप आसान है। इसमें डाउनलोड प्रोटेक्शन है, जिससे यह मैलवेयर को कंप्यूटर इन्फेक्ट करने से पहले ही ब्लॉक कर देता है।

Comodo
कोमोडो विंडोज़ और मैक दोनों पर चलता है। यह वायरस को पहचानने का अच्छा प्रोग्राम है, लेकिन इसमें वायरस को खुद ही डिलीट करना पड़ता है। यह अपने-आप अपडेट होता है।

AVG Antivirus
एवीजी ऐंटिवायरस फ्री 2013 सॉफ्टवेयर बहुत अच्छा है। इसका सेटअप बहुत आसान है और मैलवेयर को ब्लॉक करने में इसका कोई जवाब नहीं। यह ज्यादातर ऑपरेटिंग सिस्टम्स के साथ काम कर सकता है। फ्री पैकेज में बेसिक मैलवेयर प्रोटेक्शन है, अगर आप ज्यादा तगड़ा इंटरनेट सिक्यॉरिटी सिस्टम चाहते हैं, तो आपको प्रीमियम वर्जन खरीदना चाहिए।

संतुष्टि [contentment]

indian-sage-sadhu“Whoever loves and understands human beings will find contentment within.”
- Swami Shri Sudarshnacharya ji

“जिसे इंसान से प्रेम है और इंसानियत की समझ है, उसे अपने आप में ही संतुष्टि मिल जाती है।”

- स्वामी सुदर्शनाचार्य जी